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जब आप और आपका पार्टनर बच्चों के बारे में अलग-अलग सोचते हैं तो क्या करें

By PurpleGirl EditorsUpdated June 20263 min read
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Reviewed by

Dr. Priya Sharma · MBBS, MD (Obstetrics & Gynaecology)

आइशा हमेशा से एक बड़े परिवार का सपना देखती थी, जिसमें हंसी, खेल और बच्चों की शरारतें हों। लेकिन जब उसने अपने पार्टनर, राज, के साथ अपने भविष्य के बारे में बात की, तो उसे चुप्पी का सामना करना पड़ा। राज को एक शांत जीवन पसंद था, जिसमें यात्रा और खोज का आनंद हो। आइशा को यह सुनकर बहुत बुरा लगा। इस स्थिति में, दोनों के लिए यह ज़रूरी है कि वे एक-दूसरे की सोच को समझें और एक स्वस्थ संवाद शुरू करें।

Community Advice Disclaimer: This guide is based on community experiences and lifestyle advice. It is not a substitute for professional medical, psychological, or legal advice. Always consult a qualified healthcare provider for personal diagnoses or treatments.

What You'll Need

  • खुले मन से सुनने की क्षमता
  • एक आरामदायक जगह
  • इमोशनल सपोर्ट
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एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने से शुरुआत करें

किसी भी बातचीत की शुरुआत एक-दूसरे की सोच को समझने से करनी चाहिए। बैठकर खुलकर बात करें, जैसे कि चाय पर चर्चा करना। राज और आइशा ने जब अपनी सोच पर बात की, तो यह समझ में आया कि राज क्यों एक शांत जीवन चाहता है और आइशा क्यों बड़े परिवार की चाह रखती है। यह ज़रूरी है कि आप अपने विचारों को बिना किसी डर के साझा करें और एक-दूसरे को सुनें। इससे आप दोनों को समझने में मदद मिलेगी कि एक-दूसरे की सोच के पीछे क्या कारण हैं।

2

परिवार और मातृत्व के बारे में अपने मूल विश्वासों की पहचान करें

जब आप दोनों ने अपनी सोच को साझा कर लिया, तो अब समय है अपने मूल विश्वासों को समझने का। आइशा को बच्चों के साथ खेलना और उनकी देखभाल करना बहुत पसंद है, जबकि राज को यात्रा करना और अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इस चर्चा में यह जानना ज़रूरी है कि आप दोनों परिवार के बारे में क्या सोचते हैं। क्या आप बच्चे को एक जिम्मेदारी समझते हैं या एक खुशी? इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि आप किस दिशा में बढ़ रहे हैं।

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3

पालन-पोषण के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा करें

अब जब आप दोनों अपने विश्वासों को समझ चुके हैं, तो पालन-पोषण के व्यावहारिक पहलुओं पर बात करने का समय आ गया है। जैसे कि क्या आप बच्चे के लिए पर्याप्त समय निकाल पाएंगे? क्या आपके पास आर्थिक स्थिति है? राज को यह समझना चाहिए कि आइशा बच्चों के लिए कितनी तैयार है और आइशा को यह जानना चाहिए कि राज की चिंताएं क्या हैं। इस तरह की चर्चा से आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि क्या आप दोनों एक ही पृष्ठ पर हैं या नहीं।

Step 4

समझौते और विकल्पों पर विचार करें

आपकी सोच और विश्वासों पर चर्चा के बाद, अब समझौते और विकल्पों की खोज करने का समय है। क्या आप दोनों किसी मध्य मार्ग पर आ सकते हैं? उदाहरण के लिए, क्या राज कुछ सालों तक बच्चों का विचार टाल सकता है जबकि आइशा अपने करियर में आगे बढ़े? इस तरह के समझौते से आप दोनों का मनोबल बढ़ेगा और आपको एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने में मदद मिलेगी।

5

बाहरी समर्थन पर विचार करें

यदि बातचीत बहुत गर्म हो जाती है या आप दोनों एक ही मुद्दे पर अटके रहते हैं, तो बाहरी समर्थन लेने पर विचार करें। कभी-कभी एक थर्ड पार्टी, जैसे कि एक काउंसलर, आपको अपनी भावनाओं को समझने में मदद कर सकता है। यह सुनिश्चित करें कि आप दोनों इस प्रक्रिया में सहज महसूस करें। इससे आप एक नई दृष्टि पा सकते हैं और अपने रिश्ते को मजबूती दे सकते हैं।

PurpleGirl Insight

"खुले मन से बात करें और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें।"

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Frequently Asked Questions

क्या करें अगर मेरा पार्टनर बच्चों नहीं चाहता जबकि मैं चाहती हूं?
अगर आपका पार्टनर बच्चों नहीं चाहता जबकि आप चाहती हैं, तो आपको अपनी भावनाओं के बारे में खुलकर चर्चा करनी चाहिए। दोनों की सोच के पीछे के कारणों को जानना ज़रूरी है। यह प्रक्रिया समय ले सकती है, लेकिन धैर्य और सहानुभूति के साथ आप एक सामान्य जमीन खोज सकते हैं।
मैं अपने पार्टनर से बच्चों के विषय पर कैसे बात करूं?
बातचीत शुरू करना कभी-कभी कठिन हो सकता है। एक आरामदायक माहौल चुनें, अपनी भावनाएं साझा करें, और अपने पार्टनर को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें। यह स्पष्ट करें कि यह एक चर्चा है, मांग नहीं। एक-दूसरे को समझने पर ध्यान दें।
क्या मेरे पार्टनर का मन बदलना संभव है?
हालांकि समय के साथ दृष्टिकोण बदल सकते हैं, इस विषय पर धीरे-धीरे चर्चा करना महत्वपूर्ण है। उनकी सोच को बदलने की कोशिश करने के बजाय, अपनी भावनाएं और चिंताएं साझा करें। एक सहायक संवाद कभी-कभी नई समझ पैदा कर सकता है।
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