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कैसे करें Maintenance का दावा CrPC की धारा 125 के तहत

By PurpleGirl EditorsUpdated June 20264 min read
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Reviewed by

Adv. Meera Krishnaswamy · LLB, Practising Advocate

नेहा अपने किचन की टेबल पर बैठी थी, बिलों के ढेर को घूरते हुए। अपने हस्बैंड से अलग होने के बाद घर का खर्च अकेले संभालना उसके लिए मुश्किल हो गया था। उसने सुना था कि महिलाएं CrPC की धारा 125 के तहत Maintenance का दावा कर सकती हैं, लेकिन प्रक्रिया उसे बहुत कठिन लग रही थी। भारत में कई महिलाएं ऐसी स्थिति में होती हैं और उन्हें अपनी हक की जानकारी नहीं होती। इस लेख में, हम विस्तार से समझाएंगे कि आप कैसे अपना Maintenance का दावा कर सकती हैं।

Community Advice Disclaimer: This guide is based on community experiences and lifestyle advice. It is not a substitute for professional medical, psychological, or legal advice. Always consult a qualified healthcare provider for personal diagnoses or treatments.

What You'll Need

  • आधार कार्ड
  • Income प्रमाण पत्र
  • बैंक स्टेटमेंट
  • पति का वेतन स्लिप
  • पैन कार्ड
1

Maintenance के लिए अपनी पात्रता समझें

CrPC की धारा 125 के तहत Maintenance का दावा करने के लिए यह समझना जरूरी है कि आप पात्र हैं या नहीं। आमतौर पर, यदि आप शादीशुदा हैं और आपके पास कोई आय का साधन नहीं है या आपके पास पर्याप्त आय नहीं है, तो आप Maintenance के लिए दावा कर सकती हैं। जैसे, अगर आप कोई घरेलू महिला हैं या आपके बच्चे छोटे हैं, तो आपके पति को आपको Maintenance देना होगा। यह भी ध्यान रखें कि अगर आपके पति की आय अच्छी है, तो आपको उसका सही आकलन करने की जरूरत है। उदाहरण के लिए, अगर आपके पति का व्यवसाय है और वह अच्छी कमाई कर रहा है, तो आपको अधिक Maintenance की उम्मीद करनी चाहिए।

2

अपने मामले के लिए आवश्यक दस्तावेज़ इकट्ठा करें

एक बार जब आप अपनी पात्रता समझ जाएं, तो अगला कदम सभी आवश्यक दस्तावेज़ों को इकट्ठा करना है। इसमें आधार कार्ड, पति का वेतन स्लिप, और आपके परिवार के खर्चों का विवरण शामिल हो सकता है। जैसे, अगर आपके बच्चे स्कूल जाते हैं, तो उनकी फीस और अन्य खर्चे भी शामिल करें। ये दस्तावेज़ अदालत में आपके दावे को मजबूत बनाने में मदद करेंगे। अगर आप कामकाजी महिला हैं, तो अपनी आय का प्रमाण भी जरूर रखें। इससे आपको यह साबित करने में मदद मिलेगी कि आपको आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।

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3

अपने Maintenance आवेदन का मसौदा तैयार करें

अब जब आपके पास सभी दस्तावेज़ हैं, तो यह समय है अपने Maintenance आवेदन का मसौदा तैयार करने का। आवेदन में स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए कि आप क्यों Maintenance की मांग कर रही हैं। इसे सटीक और संक्षिप्त रखना चाहिए। उदाहरण के लिए, आप यह उल्लेख कर सकती हैं कि आपके पति की आय क्या है और आपके मासिक खर्च क्या हैं। यह भी बताएं कि आपने पहले क्या प्रयास किए हैं और क्यों आपको अदालत का सहारा लेना पड़ रहा है। एक अच्छा आवेदन आपके मामले को अदालत में मजबूत बना सकता है।

Step 4

अपने आवेदन को उचित अदालत में दायर करें

जब आपका आवेदन तैयार हो जाए, तो अगला कदम इसे उचित अदालत में दायर करना है। भारत में, आप अपने नजदीकी पारिवारिक अदालत में आवेदन दायर कर सकती हैं। यह सुनिश्चित करें कि आपने सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की प्रतियां साथ में जमा की हैं। अदालत में आवेदन दायर करने के बाद, आपको एक तारीख मिलेगी जब आपका मामला सुना जाएगा। यह महत्वपूर्ण है कि आप समय पर अदालत में उपस्थित रहें।

5

अदालत की सुनवाई में भाग लें और अपना मामला पेश करें

एक बार जब आप अपने आवेदन दायर कर देती हैं, तो अदालत सुनवाई की तारीख निर्धारित करेगी। हर सुनवाई में उपस्थित रहना बहुत जरूरी है। अदालत में आपको अपने मामले को स्पष्टता से पेश करना होगा। अगर आपके पति या उनके वकील आपके खिलाफ आपत्ति उठाते हैं, तो आपको अपने दस्तावेज़ों के साथ उनका जवाब देना होगा। इससे यह साबित होगा कि आप अपनी बात को सही तरीके से रख सकती हैं। कई महिलाएं इस चरण में हिम्मत हार जाती हैं, लेकिन याद रखें कि यह आपका हक है।

6

अदालत का आदेश प्राप्त करें और लागू करें

एक बार जब अदालत दोनों पक्षों की सुनवाई कर लेती है, तो वह आपके Maintenance दावे पर निर्णय लेगी। यदि अदालत आपके पक्ष में फैसला करती है, तो आपको एक आदेश मिलेगा जिसमें Maintenance की राशि और भुगतान की विधि का विवरण होगा। यह ध्यान रखें कि अदालत का आदेश प्राप्त करने के बाद, आपको इसे लागू करना होगा। अगर आपके पति आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो आप अदालत में पुनः आवेदन कर सकती हैं। इस प्रक्रिया में धैर्य रखना बहुत जरूरी है।

PurpleGirl Insight

"अपने सभी दस्तावेज़ों को उचित रूप से व्यवस्थित रखें ताकि अदालत में पेश करने में कोई परेशानी न हो।"

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Frequently Asked Questions

CrPC की धारा 125 क्या है?
CrPC की धारा 125 एक प्रावधान है जिसका उद्देश्य उन पत्नियों, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता को Maintenance प्रदान करना है जो खुद को सहारा नहीं दे सकते। यह कानून यह सुनिश्चित करता है कि जरूरतमंद लोगों को सहायता मिले।
मैं धारा 125 के तहत कितनी Maintenance का दावा कर सकती हूँ?
धारा 125 के तहत दिए जाने वाले Maintenance की राशि पति की वित्तीय क्षमताओं और पत्नी और बच्चों की विशेष जरूरतों के आधार पर भिन्न होती है। अदालत आमतौर पर आय, खर्च और जीवनशैली जैसे विभिन्न कारकों पर विचार करती है।
क्या मैं काम कर रही होने पर भी Maintenance का दावा कर सकती हूँ?
हाँ, आप काम कर रही होने पर भी धारा 125 के तहत Maintenance का दावा कर सकती हैं। कानून यह मानता है कि कई महिलाएं आर्थिक सहारे की जरूरत में होती हैं, खासकर जब उनकी आय जीवन यापन के खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होती।
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