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अगर आप अपनी इच्छा के खिलाफ शादी के लिए मजबूर हो रही हैं, तो क्या करें?

By PurpleGirl EditorsUpdated June 20264 min read
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Reviewed by

Adv. Meera Krishnaswamy · LLB, Practising Advocate

रिया हमेशा जानती थी कि उसके माता-पिता उसे उस लड़के से शादी करना चाहते हैं जिसे उन्होंने चुना है। लेकिन जब उसे पता चला कि शादी सिर्फ एक महीने दूर है, तो उसे लगा जैसे उसकी पूरी दुनिया टूट गई। उसने उस लड़के से कभी मुलाकात नहीं की थी, और अपनी ज़िंदगी का बाकी हिस्सा उसके साथ बिताने का ख्याल ही उसे डराता था। ऐसी स्थिति में खुद को कैसे संभालें, यह जानना बहुत ज़रूरी है। शादी एक महत्वपूर्ण निर्णय है और आपको इसके लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। आइए जानते हैं कि इस मुश्किल वक्त में आपको क्या कदम उठाने चाहिए।

Community Advice Disclaimer: This guide is based on community experiences and lifestyle advice. It is not a substitute for professional medical, psychological, or legal advice. Always consult a qualified healthcare provider for personal diagnoses or treatments.

What You'll Need

  • विश्वासपात्र दोस्त
  • मोबाइल फोन
  • सुरक्षा योजना
  • दस्तावेज़
  • वकील की जानकारी
1

अपने अधिकारों को समझें: मजबूर शादी के खिलाफ कानून जानें

पहला कदम है अपने अधिकारों को समझना। भारत में, विशेष विवाह अधिनियम, 1954 और हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अनुसार, शादी दो सहमति देने वाले वयस्कों के बीच एक स्वैच्छिक संघ होना चाहिए। इसके अलावा, बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत, 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़कों की शादी पर प्रतिबंध है। अगर आप शादी के लिए मजबूर की जा रही हैं, तो यह जानना बहुत ज़रूरी है कि आपको मदद मिल सकती है। कानूनी जानकारी हासिल करने के लिए आप वकील से भी संपर्क कर सकती हैं।

2

मदद मांगें: किसी विश्वसनीय व्यक्ति से बात करें

जब आप मुश्किल समय से गुजर रही हों, तो किसी ऐसे व्यक्ति का होना जो आपके साथ हो, बहुत ज़रूरी है। आप अपनी बहन, दोस्त या किसी करीबी रिश्तेदार से बात कर सकती हैं। यह व्यक्ति आपकी भावनाओं को समझेगा और आपको सही सलाह दे सकेगा। कभी-कभी, केवल किसी से अपनी बात शेयर करने से ही आपको सुकून मिलता है। इस बातचीत में, अपने डर, चिंताओं और शादी के बारे में जो कुछ भी आपको परेशान कर रहा है, उसे खुलकर बताएं। यह भी याद रखें कि अगर आपको लगता है कि आपकी बात सुनने वाला व्यक्ति आपको सही सलाह नहीं दे रहा है, तो आप किसी और पर भरोसा कर सकती हैं।

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3

साक्ष्य इकट्ठा करें: अपनी स्थिति का दस्तावेज़ीकरण करें

अगर आप शादी के लिए मजबूर की जा रही हैं, तो अपनी स्थिति का साक्ष्य इकट्ठा करना बहुत महत्वपूर्ण है। यह साक्ष्य आपके लिए मददगार होगा जब आप किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करना चाहेंगी। आप अपने परिवार के सदस्यों से हुई बातचीत, किसी भी धमकी या जबरदस्ती के संदेशों को नोट कर सकती हैं। इसके अलावा, आप अपने दोस्तों या अन्य लोगों के बयान भी ले सकती हैं जो आपकी स्थिति को समझते हैं। ये सब बातें जब आप किसी कानून के विशेषज्ञ या पुलिस के पास जाएंगी, तो आपके मामले को मजबूत बनाएंगी।

Step 4

सुरक्षा योजना बनाएं: खुद को नुकसान से बचाएं

अगर आप तुरंत खतरे में हैं, तो एक सुरक्षा योजना बनाना बहुत जरूरी है। यह योजना आपको सुरक्षा प्रदान कर सकती है। आपको यह तय करना होगा कि आप कहाँ जा सकती हैं और किससे मदद मांग सकती हैं। आपके पास एक बैग होना चाहिए जिसमें जरूरी दस्तावेज़, पैसे और कुछ कपड़े हों, ताकि आपको तुरंत कहीं भी जाने की आवश्यकता पड़े। यदि आप किसी सुरक्षित स्थान पर जा रही हैं, तो अपने विश्वासपात्र व्यक्ति को बताना न भूलें ताकि वे आपकी मदद कर सकें। सुरक्षा योजना बनाते समय, अपने आस-पास के लोगों की मदद लेना भी महत्वपूर्ण है।

5

कार्रवाई करें: अधिकारियों से मदद मांगें

अगर आप शादी के लिए मजबूर की जा रही हैं, तो आपको अधिकारियों से मदद मांगने का अधिकार है। आप पुलिस से संपर्क कर सकती हैं या स्थानीय महिला आयोग से भी मदद ले सकती हैं। यह महत्वपूर्ण है कि आप अपनी स्थिति को स्पष्टता से बताएं। कई बार, पुलिस या अन्य अधिकारी आपकी मदद करने में हिचकिचाते हैं, इसलिए आपको अपने अधिकारों के प्रति दृढ़ रहना होगा। अगर आप चाहें, तो आप एक वकील की मदद भी ले सकती हैं जो आपको सही दिशा में मार्गदर्शन कर सके। याद रखें, आप अकेली नहीं हैं और मदद हमेशा उपलब्ध है।

PurpleGirl Insight

"अपने अधिकारों को जानना सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम है।"

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Frequently Asked Questions

भारत में मजबूर शादी के खिलाफ कानून क्या हैं?
भारत में, विशेष विवाह अधिनियम, 1954 और हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अनुसार, शादी दो सहमति देने वाले वयस्कों के बीच एक स्वैच्छिक संघ होनी चाहिए। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 भी 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़कों की शादी पर प्रतिबंध लगाता है। अगर आपको मजबूर किया जा रहा है, तो आप पुलिस और अदालत से मदद मांग सकते हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) से मदद कैसे मांगें?
आप NCW की हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकती हैं या व्यक्तिगत रूप से उनके कार्यालय जा सकती हैं। NCW में एक समर्पित टीम है जो संकट में महिलाओं की मदद करती है, और वे आपको मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान कर सकते हैं। आप अन्य संगठनों से भी संपर्क कर सकती हैं जो महिलाओं के अधिकारों का समर्थन करते हैं, जैसे कि ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वुमेंस एसोसिएशन (AIDWA)।
मजबूर शादी के संकेत क्या हैं?
मजबूर शादी के कुछ सामान्य संकेतों में शामिल हैं: किसी ऐसे व्यक्ति से शादी करने के लिए दबाव डालना जिसे आप नहीं चाहतीं, अगर आप शादी से मना करती हैं तो आपको धमकाना या शारीरिक या मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाना, और दोस्तों और परिवार से अलग कर देना। अगर आप इनमें से किसी भी संकेत का सामना कर रही हैं, तो तुरंत मदद मांगना बहुत जरूरी है। आप किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य से संपर्क कर सकती हैं, या किसी हेल्पलाइन या संगठन से मदद ले सकती हैं।
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