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घरेलू हिंसा से निपटने और आपातकालीन सुरक्षा सेवाओं तक पहुंचने के तरीके

By PurpleGirl EditorsUpdated June 20264 min read
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Reviewed by

Adv. Meera Krishnaswamy · LLB, Practising Advocate

रिया पिछले कई महीनों से अपने घर में फंसी हुई महसूस कर रही थी। verbal insults अब physical threats में बदल गए थे, और हर दिन पिछले दिन से भारी लग रहा था। उसे पता था कि उसे कुछ करना है, लेकिन डर और अनिश्चितता ने उसे घेर लिया था। दुख की बात है कि रिया की कहानी अकेली नहीं है। घरेलू हिंसा कई महिलाओं को प्रभावित करती है, और यह जानना जरूरी है कि इस स्थिति से कैसे निपटें। अगर आप या आपके आसपास कोई ऐसी स्थिति में है, तो यह जानकारी आपके लिए मददगार साबित हो सकती है।

Community Advice Disclaimer: This guide is based on community experiences and lifestyle advice. It is not a substitute for professional medical, psychological, or legal advice. Always consult a qualified healthcare provider for personal diagnoses or treatments.

What You'll Need

  • सुरक्षा योजना
  • फोन नंबर
  • समर्थन समूह
  • कानूनी जानकारी
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घरेलू हिंसा के संकेत पहचानें

घरेलू हिंसा का अनुभव कर रहे हैं या नहीं, यह पहचानना सबसे पहला कदम है। यह सिर्फ शारीरिक हिंसा तक सीमित नहीं है, verbal insults भी आपको नुकसान पहुँचा सकते हैं। अगर आपका पार्टनर लगातार आपको नीचा दिखाता है, आपकी भावनाओं का मजाक उड़ाता है या आपको डराता है, तो ये संकेत हैं कि आपको सावधान रहना चाहिए। उदाहरण के लिए, कई महिलाएं जो उत्तर भारत में रहती हैं, अक्सर पारिवारिक दबाव या सामाजिक मानदंडों के कारण अपनी आवाज नहीं उठा पाती हैं। लेकिन, यह जानना जरूरी है कि इन संकेतों को पहचानकर आप अपने लिए एक सुरक्षित रास्ता बना सकती हैं।

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सुरक्षा योजना बनाएं

अगर आप एक abusive environment में हैं, तो एक सुरक्षा योजना बनाना बहुत जरूरी है। इस योजना में यह तय करें कि आप कहां जा सकती हैं, अगर आपको तुरंत मदद की जरूरत हो। अपने करीबी दोस्तों या परिवार के लोगों के नंबर अपने पास रखें, जिन्हें आप संकट में बुला सकती हैं। अपने घर में कुछ ऐसे स्थान चिन्हित करें, जहां आप खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। जैसे, अगर आप लुधियाना में रहती हैं, तो आप अपने किसी करीबी रिश्तेदार के घर जा सकती हैं। इस तरह की योजना बनाकर आप खुद को मानसिक रूप से तैयार कर सकती हैं।

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आपातकालीन सुरक्षा सेवाओं तक पहुंचें

भारत में, कई आपातकालीन सेवाएं हैं जो आपको जरूरत के समय मदद कर सकती हैं। आप स्थानीय पुलिस को 100 पर कॉल कर सकती हैं या महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 पर संपर्क कर सकती हैं। ये सेवाएं आपको तुरंत सहायता प्रदान करती हैं और आपको सही दिशा में मार्गदर्शन कर सकती हैं। अगर आप दिल्ली में हैं, तो आप स्थानीय NGOs से भी संपर्क कर सकती हैं, जो घरेलू हिंसा के मामलों में विशेष सहायता प्रदान करती हैं। कभी भी मदद मांगने में संकोच न करें, क्योंकि आपके पास सहायता के लिए कई विकल्प हैं।

Step 4

अपने कानूनी अधिकारों को समझें

आपके पास घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत कई कानूनी अधिकार हैं। इसमें सुरक्षा आदेश मांगने, आर्थिक सहायता प्राप्त करने और बच्चों की कस्टडी का अधिकार शामिल है। यह जानना आवश्यक है कि आपके अधिकार क्या हैं ताकि आप सही निर्णय ले सकें। अगर आपको कानूनी मदद की जरूरत है, तो स्थानीय वकीलों से संपर्क करें जो इस क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं। उत्तर भारत में कई महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर अनजान रहती हैं, लेकिन जानकारी हासिल करके आप खुद को मजबूत बना सकती हैं।

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परामर्श और सामुदायिक संसाधनों के माध्यम से समर्थन प्राप्त करें

सुरक्षित रहने की दिशा में पहला कदम उठाने के बाद, भावनात्मक समर्थन प्राप्त करना भी बहुत जरूरी है। कई संगठन हैं जो महिलाओं के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान करते हैं। जैसे, आप अपने इलाके में कार्यरत NGOs से संपर्क कर सकती हैं। ये संगठन आपको मानसिक स्वास्थ्य सहायता के साथ-साथ अपने अनुभव साझा करने का एक सुरक्षित स्थान भी प्रदान करते हैं। अगर आप वाराणसी जैसे शहर में हैं, तो वहां के स्थानीय संसाधनों का लाभ उठाएं। यह जानना कि आप अकेली नहीं हैं, आपके लिए एक बड़ी ताकत बन सकता है।

PurpleGirl Insight

"सुरक्षा सबसे पहले है, अपने लिए एक योजना बनाएं और अपने करीबी लोगों से सहायता मांगने में संकोच न करें।"

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Frequently Asked Questions

अगर मैं घर में हिंसा का सामना कर रही हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?
अगर आप घरेलू हिंसा का सामना कर रही हैं, तो आपकी सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए। संकेतों को पहचानना शुरू करें और एक सुरक्षा योजना बनाएं। स्थानीय समर्थन सेवाओं या हेल्पलाइनों से मार्गदर्शन के लिए संपर्क करें। याद रखें, आप अकेली नहीं हैं, और आपकी मदद के लिए कई संसाधन उपलब्ध हैं।
भारत में मैं आपातकालीन सुरक्षा सेवाओं तक कैसे पहुंच सकती हूं?
भारत में, आपातकालीन सुरक्षा सेवाओं तक पहुंचने के लिए आप पुलिस को 100 पर कॉल कर सकती हैं या स्थानीय हेल्पलाइनों जैसे 181 से संपर्क कर सकती हैं। कई NGOs भी संकट में महिलाओं के लिए समर्थन और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। मदद मांगने में संकोच न करें—आपकी सहायता के लिए कई संसाधन उपलब्ध हैं।
घरेलू हिंसा की शिकार के रूप में मेरे पास क्या कानूनी अधिकार हैं?
आपके पास घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत कई कानूनी अधिकार हैं, जिसमें सुरक्षा आदेश, आर्थिक सहायता और बच्चों की कस्टडी मांगने का अधिकार शामिल है। इन अधिकारों को जानकर आप अपने निर्णयों को मजबूत बना सकती हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
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