जब आप कार्यस्थल पर सेक्सिज़्म का सामना कर रही हों तो क्या करें
Reviewed by
CA Sunita Joshi · Chartered Accountant, CFP
कार्यस्थल पर सेक्सिज़्म केवल एक शब्द नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर मुद्दा है जिसका सामना कई भारतीय महिलाएं प्रतिदिन करती हैं। चाहे वो हल्के-फुल्के कमेंट्स हों, अनुचित व्यवहार हो, या खुला भेदभाव, ये सभी अनुभव आपके कार्य वातावरण को दुश्वार बना सकते हैं। कई बार महिलाएं इस स्थिति में खुद को असहाय महसूस करती हैं, लेकिन यह जानना जरूरी है कि आप अकेली नहीं हैं। हम यहाँ पर कुछ महत्वपूर्ण कदम बताएंगे जो आपको इस समस्या का सामना करने में मदद करेंगे।
What You'll Need
- समर्थन प्रणाली
- डॉक्यूमेंटेशन
- आत्मविश्वास
- दृढ़ता
- जानकारी
सेक्सिज़्म के लक्षण पहचानें
सेक्सिज़्म का सामना करने में पहला कदम लक्षणों को पहचानना है। यह हल्के-फुल्के कमेंट्स से लेकर भेदभावपूर्ण व्यवहार तक हो सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आपके सहकर्मी आपके काम को कम करके आंकते हैं या आपको मीटिंग में बोलने का मौका नहीं देते, तो ये संकेत हैं कि आपको समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अपनी भावनाओं को समझना और उन्हें पहचानना बहुत जरूरी है। यह जानकर आप अपनी स्थिति को बेहतर समझ पाएंगी और उचित कदम उठा सकेंगी।
दृढ़ता से बोलें
एक बार जब आप मुद्दों की पहचान कर लें, तो आपको अपनी बात रखने का समय आ गया है। यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर जब आप पारंपरिक कार्यस्थल में हों जहाँ आपकी आवाज़ को कमतर आंका जाता है। लेकिन याद रखें, आपकी आवाज़ महत्वपूर्ण है। जब आप अपनी बात कहें, तो आत्मविश्वास के साथ बोलें। जैसे, यदि कोई सहकर्मी आपको अनावश्यक तरीके से टोकता है, तो आप उन्हें स्पष्टता से बता सकती हैं कि आपको उनकी बात का सम्मान नहीं है। यह न केवल आपके लिए बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी एक उदाहरण बनेगा।
Have a specific question you can't ask anyone? Ask it anonymously — no name needed.
सब कुछ डॉक्यूमेंट करें
डॉक्यूमेंटेशन सेक्सिज़्म से निपटने में आपका सबसे अच्छा साथी है। हर घटना का विस्तृत रिकॉर्ड रखें, जैसे तारीख, समय और क्या हुआ। उदाहरण के लिए, यदि किसी ने आपको ऑफिस में अपमानित किया है, तो उस स्थिति को लिख लें। यह आपके पास सबूत के रूप में काम आएगा, अगर आपको आगे किसी कार्रवाई की आवश्यकता पड़े। इससे न केवल आपकी स्थिति मजबूत होगी, बल्कि जब आप किसी से मदद मांगेंगी, तो आपके पास ठोस जानकारी होगी।
अपने नेटवर्क से समर्थन प्राप्त करें
सेक्सिज़्म का सामना अकेले करना बहुत भारी हो सकता है। अपने सहकर्मियों, दोस्तों या परिवार से मदद मांगने में संकोच न करें। जब आप किसी समस्या का सामना कर रही हों, तो एक सपोर्ट सिस्टम होना बहुत महत्वपूर्ण है। आप अपनी समस्याओं के बारे में किसी विश्वसनीय व्यक्ति से बात कर सकती हैं। इससे आपको मानसिक रूप से भी सुकून मिलेगा और आप अकेलेपन का अनुभव नहीं करेंगी। उदाहरण के लिए, अगर आपकी सहेली भी इसी स्थिति से गुजर रही है, तो आप दोनों एक-दूसरे का समर्थन कर सकती हैं।
अपने अधिकारों के बारे में जानें
जानकारी होना शक्ति है, खासकर जब बात आपके कार्यस्थल के अधिकारों की हो। भारत में, महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम (Sexual Harassment of Women at Workplace Act) है, जो आपको सुरक्षा प्रदान करता है। इस अधिनियम के तहत, नियोक्ता को आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee) स्थापित करनी होती है। अपने अधिकारों के बारे में जानकर, आप अधिक आत्मविश्वास के साथ कार्रवाई कर सकेंगी। यह जानना जरूरी है कि आप अकेली नहीं हैं और आपको समर्थन मिलता है।
सेल्फ-केयर करें
कार्यस्थल पर सेक्सिज़्म से निपटना आपकी मानसिक सेहत पर असर डाल सकता है। इसलिए, अपनी भलाई को प्राथमिकता देना बहुत जरूरी है। जैसे, आप योग कर सकती हैं, ध्यान कर सकती हैं या अपनी पसंदीदा किताब पढ़ सकती हैं। इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी और आप सकारात्मक ऊर्जा के साथ अपने कार्यस्थल पर लौट सकेंगी। यह सुनिश्चित करें कि आप अपने लिए समय निकालें, क्योंकि आपकी सेहत सबसे पहले आती है।
यदि आवश्यक हो, तो औपचारिक शिकायत करें
यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो यह औपचारिक शिकायत करने का समय हो सकता है। आपके पास सभी दस्तावेज होंगे, जो आपकी मदद करेंगे। HR या प्रबंधन से संपर्क करें और अपनी शिकायत दर्ज कराएं। यह कदम उठाना मुश्किल हो सकता है, लेकिन याद रखें, आप अपनी और अन्य महिलाओं के लिए एक बेहतर कार्य वातावरण बनाने में मदद कर रही हैं। कभी-कभी, एक औपचारिक शिकायत ही चीज़ों को बदलने में मदद कर सकती है।
"अपने अनुभवों को साझा करना कभी न भूलें, यह आपको औरों की मदद करने में भी सहायक होगा।"
Was this guide helpful?
Related Guides
Frequently Asked Questions
अगर मुझे कार्यस्थल पर मेरे लिंग के कारण अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है तो मुझे क्या करना चाहिए?
मैं कार्यस्थल पर सेक्सिज़्म की रिपोर्ट कैसे करूं बिना किसी प्रतिकूलता का सामना किए?
भारत में कार्यस्थल पर उत्पीड़न के संबंध में मेरे क्या अधिकार हैं?
Women's Health Insurance — Policybazaar
Compare health insurance plans designed for working women in India. Coverage from ₹300/month.
Compare Plans FreeOther women also asked about this topic
Real anonymous questions from Indian women
"My boss is promoting men over me even though I perform better. What can I do?"
→"Can my employer fire me for being pregnant in India?"
→"How do I negotiate salary without seeming aggressive?"
→"Is it worth quitting a toxic job with no next job lined up?"
Free Weekly Updates
Get career growth strategies for Indian working women
No spam. Unsubscribe anytime. 100% anonymous.