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अपने आत्म-सम्मान को बढ़ाने के 5 तरीके जब आप शरीर की छवि से जूझ रही हों

By PurpleGirl EditorsUpdated May 20264 min read
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Reviewed by

Dr. Ritu Bansal · MA (Psychology), M.Phil (Clinical Psychology)

हम सभी को यह मानना होगा कि शरीर की छवि के मुद्दे से जूझना एक सामान्य बात है, लेकिन यह हमें परिभाषित नहीं करता। जब हम अपने शरीर के बारे में सोचते हैं, तो कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे हम हमेशा एक लेंस के नीचे हैं, हर छोटी-छोटी बात की आलोचना करते हैं। लेकिन अपने आत्म-सम्मान को बढ़ाना सिर्फ यह नहीं है कि हम अपने शरीर को कैसे देखते हैं, बल्कि यह भी है कि हम खुद को कैसे स्वीकार करते हैं। खासकर उत्तर भारत में, जहां पारिवारिक दबाव और समाजिक मानक हमारे आत्म-सम्मान को प्रभावित कर सकते हैं, यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम अपने भीतर की आवाज़ को पहचानें और उसे सकारात्मक दिशा में मोड़ें।

Community Advice Disclaimer: This guide is based on community experiences and lifestyle advice. It is not a substitute for professional medical, psychological, or legal advice. Always consult a qualified healthcare provider for personal diagnoses or treatments.

What You'll Need

  • एक डायरी
  • पेन
  • समर्थक दोस्त
  • योगा मैट
  • पसंदीदा म्यूजिक
1

स्वयं पर दया और क्षमा का अभ्यास करें

कभी-कभी हम अपने सबसे बड़े आलोचक बन जाते हैं, खासकर जब बात हमारे शरीर की होती है। जब आप अपने शरीर के बारे में सोचते हैं, तो क्या आप खुद को कठोर शब्दों से बुलाते हैं? यह ठीक नहीं है। खुद को माफ करना और अपने प्रति दयालु होना बहुत जरूरी है। उदाहरण के लिए, जब आप दही-चावल खा रही हों और खुद को यह सोचकर टोकें कि 'मैंने ये क्यों खाया?', तो खुद से कहें कि 'ये मेरे लिए अच्छा है'। इससे आपका आत्म-सम्मान बढ़ेगा। हर दिन खुद को एक नया मौका दें और अपनी गलतियों को स्वीकार करें।

2

सकारात्मक प्रभावों से घेरें

आपका वातावरण आपके आत्म-सम्मान को बहुत प्रभावित करता है। अगर आप हमेशा नकारात्मक लोगों के बीच हैं, तो यह आपके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। अपने दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं जो आपको प्रोत्साहित करते हैं। जैसे, अगर आपकी सहेली हमेशा आपको मोटा कहती है, तो उससे दूरी बनाना बेहतर है। इसके बजाय, उन दोस्तों के साथ समय बिताएं जो आपकी तारीफ करते हैं और आपके साथ अच्छे समय बिताते हैं। आप अपनी मम्मी या दादी से भी बातें कर सकती हैं, जो आपकी खूबसूरती और गुणों को हमेशा सराहती हैं।

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3

ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जो आपको अच्छा महसूस कराएं

खुश रहने के लिए जो चीजें आपको पसंद हैं, उन पर ध्यान दें। चाहे वह नृत्य हो, योगा, या आपकी पसंदीदा किताबें पढ़ना हो, ये सब आपके आत्म-सम्मान को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। जैसे, अगर आपको गाना पसंद है, तो अपने दोस्तों के साथ गाना गाएं या सिंगिंग क्लासेज जॉइन करें। इससे न सिर्फ आपका मन खुश रहेगा, बल्कि आप अपनी प्रतिभा को भी पहचानेंगी। जब आप ऐसा कुछ कर रही हों, जो आपको खुशी देता है, तो आप खुद को और बेहतर महसूस करेंगी।

Step 4

नकारात्मक आत्म-वार्ता को चुनौती दें

हम सभी के अंदर एक आवाज होती है जो हमें आलोचना करती है, खासकर जब हम अपने शरीर के बारे में सोचते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि हम इस आवाज को पहचानें और इसे चुनौती दें। जब भी आपको ऐसा लगे कि आप खुद को बुरा महसूस करा रही हैं, तो तुरंत उस विचार को बदलें। जैसे, अगर आप सोच रही हैं कि 'मैं बहुत मोटी हूं', तो खुद से कहें, 'मैं स्वस्थ हूं और मेरी अपनी खूबसूरती है'। यह अभ्यास आपकी सोच को सकारात्मक दिशा में मोड़ने में मदद करेगा।

5

अपनी विरासत को अपनाएं और विविधता का जश्न मनाएं

एक भारतीय महिला के रूप में, अपनी सांस्कृतिक विरासत को अपनाना आपकी पहचान को मजबूत कर सकता है। अपने परंपरागत कपड़ों को पहनें, जैसे कि साड़ी या सलवार-कुर्ता, और अपने रीति-रिवाजों का जश्न मनाएं। यह न सिर्फ आपको अपनी पहचान से जोड़ेगा, बल्कि आपको अपने आप पर गर्व महसूस कराएगा। खासकर उत्तर भारत में, जहां विविधता का जश्न मनाया जाता है, अपने समुदाय के त्योहारों और परंपराओं में भाग लेना आपको और मजबूत बनाएगा। जब आप अपने संस्कृति को अपनाती हैं, तो आप अपने आत्म-सम्मान को भी बढ़ाती हैं।

PurpleGirl Insight

"खुद को स्वीकार करने के लिए हर दिन खुद को सकारात्मक वाक्य बोलें। जैसे, 'मैं सुंदर हूं', 'मैं सक्षम हूं'।"

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Frequently Asked Questions

एक भारतीय महिला के रूप में मैं अपनी शरीर की छवि को कैसे सुधार सकती हूं?
अपने शरीर की छवि को सुधारने की शुरुआत आत्म-स्वीकृति से करें और सकारात्मक प्रभावों से घेरें। ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जो आपको खुश रखें, नकारात्मक आत्म-वार्ता को चुनौती दें, और अपनी संस्कृति का जश्न मनाएं। अपने दोस्तों और परिवार के साथ जुड़ना भी आपको बेहतर महसूस कराएगा।
अपने आत्म-सम्मान को बढ़ाने के लिए कुछ दैनिक प्रथाएं क्या हो सकती हैं?
दैनिक प्रथाओं में आत्म-चिंतन का समय निकालना, सकारात्मक वाक्य बोलना, और ऐसी गतिविधियों में भाग लेना शामिल हो सकता है जो आपको खुशी देती हैं। अपनी भावनाओं को डायरी में लिखें या किसी विश्वसनीय दोस्त के साथ साझा करें। जब भी नकारात्मक विचार आएं, उन्हें चुनौती दें और अपनी ताकत पर ध्यान दें।
मैं दूसरों की तुलना से कैसे बच सकती हूं?
दूसरों की तुलना करना एक कठिन आदत है, खासकर सोशल मीडिया पर। अपने फीड को सकारात्मक और शरीर की प्रशंसा करने वाले अकाउंट्स के साथ क्यूरेट करें। उन प्लेटफार्मों पर समय सीमित करें जो नकारात्मक भावनाएं पैदा करते हैं, और खुद को याद दिलाएं कि हर किसी की अपनी अनोखी यात्रा होती है। व्यक्तिगत विकास पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाएं, चाहे वो कितनी भी छोटी क्यों न हों।
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