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घरेलू हिंसा के खिलाफ आपके अधिकार: मदद और सुरक्षा कैसे प्राप्त करें

By Adv. Meera KrishnaswamyUpdated May 20263 min read
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Adv. Meera Krishnaswamy · LLB, Practising Advocate

माया अपने बिस्तर के किनारे बैठी थी, दिल तेजी से धड़क रहा था और हाथों में थोड़़ी tremble हो रही थी। उसने अभी-अभी घरेलू हिंसा के बारे में एक पोस्ट पढ़ी थी, और यह उसके दिल को छू गई। सालों से वह डर और एकाकीपन के चक्र में थी, अपने अधिकारों और उपलब्ध मदद के बारे में अनजान। वह अकेली महसूस कर रही थी, लेकिन अब उसे जानना था कि उसे क्या करना चाहिए।

What You'll Need

  • मोबाइल फोन
  • परिवार का समर्थन
  • स्थानीय NGO की जानकारी
1

घरेलू हिंसा के लक्षण पहचानें

घरेलू हिंसा के लक्षणों को पहचानना बहुत ज़रूरी है। यह केवल शारीरिक हिंसा नहीं है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक शोषण भी शामिल है। जब पति या परिवार के अन्य सदस्य आपको लगातार नीचा दिखाते हैं, आपकी भावनाओं का मज़ाक उड़ाते हैं या आपको अपने फैसलों में हस्तक्षेप करते हैं, तो यह घरेलू हिंसा के संकेत हो सकते हैं। जैसे, अगर किसी ने आपको यह कहकर रोका कि आप अपने दोस्तों से मिलने नहीं जा सकतीं, तो यह एक बड़ा लाल झंडा है।

2

भारतीय कानून के तहत अपने अधिकार जानें

भारतीय कानून के तहत महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कई प्रावधान हैं। घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं के संरक्षण अधिनियम, 2005, एक महत्वपूर्ण कानून है जो महिलाओं को उनकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करता है। यह कानून आपको अपने पति या परिवार के सदस्यों द्वारा किए गए शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक शोषण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अधिकार देता है। अगर आपको लगता है कि आपकी स्थिति गंभीर है, तो आपको इस कानून का पूरा फायदा उठाना चाहिए।

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3

मदद के लिए आगे बढ़ें

अगर आप घरेलू हिंसा का शिकार हो रही हैं, तो मदद मांगने में संकोच न करें। यह मदद आपके परिवार, दोस्तों या पेशेवरों से हो सकती है। कभी-कभी, आपको बस एक भरोसेमंद दोस्त की ज़रूरत होती है जो आपकी सुन सके। अगर आप अपने परिवार से बात नहीं कर पा रही हैं, तो स्थानीय NGO या हेल्पलाइन से संपर्क करें। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप अपनी स्थिति के बारे में किसी के साथ बात करें।

Step 4

शिकायत या FIR दर्ज करें

अगर आपको लगता है कि आप सुरक्षित हैं और कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं, तो आप पुलिस में शिकायत या FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज कराने पर विचार कर सकती हैं। यह एक गंभीर कदम है, लेकिन यह आपके अधिकारों की रक्षा करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। आप अपने नजदीकी थाने में जाकर यह प्रक्रिया शुरू कर सकती हैं। यह सुनिश्चित करें कि आप अपने साथ किसी विश्वसनीय व्यक्ति को ले जाएं, ताकि आपको समर्थन मिले।

5

कानूनी सहायता प्राप्त करें

कानूनी प्रणाली को समझना मुश्किल हो सकता है, लेकिन आपको इसे अकेले नहीं करना है। कानूनी सलाह लेने से आपको अपने अधिकारों और विकल्पों के बारे में सही जानकारी मिलेगी। कई संगठन हैं जो घरेलू हिंसा के मामलों में महिलाओं को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करते हैं। आप इस मदद का लाभ उठाकर अपने मामले को मजबूती से पेश कर सकती हैं।

6

सुरक्षा योजना बनाएं

घरेलू हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षा योजना बनाना बहुत ज़रूरी है। यह योजना आपको संकट के समय में सुरक्षित रहने में मदद कर सकती है। इसमें उन स्थानों की पहचान करना शामिल है, जहां आप जा सकती हैं, जैसे कि अपने माता-पिता या दोस्तों के घर। इसके अलावा, अपनी ज़रूरी चीज़ों को एक जगह पर रखना और अपने साथ मोबाइल फोन रखना भी महत्वपूर्ण है, ताकि आप तुरंत मदद मांग सकें।

PurpleGirl Insight

"आप कभी भी अकेली नहीं हैं। मदद मांगने में संकोच न करें।"

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Frequently Asked Questions

घरेलू हिंसा के लक्षण क्या हैं?
घरेलू हिंसा कई रूपों में हो सकती है, जैसे शारीरिक दुर्व्यवहार, भावनात्मक हेरफेर, या आर्थिक नियंत्रण। इन लक्षणों को पहचानना बहुत ज़रूरी है।
भारत में मैं घरेलू हिंसा से खुद को कैसे बचा सकती हूं?
आप घरेलू हिंसा के खिलाफ संरक्षण के लिए घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत पुलिस में शिकायत कर सकती हैं, और स्थानीय NGO से मदद ले सकती हैं।
अगर मैं अपने परिवार से घरेलू हिंसा के बारे में बात नहीं कर सकती तो मुझे क्या करना चाहिए?
आप हेल्पलाइन या सपोर्ट ग्रुप से संपर्क कर सकती हैं जो घरेलू हिंसा में विशेषज्ञता रखते हैं। वे बिना किसी जजमेंट के आपको गोपनीय सलाह और सहायता प्रदान कर सकते हैं।

Reviewed & Verified By

MK

Adv. Meera Krishnaswamy

LLB, Practising Advocate

Family Law Specialist, High Court

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