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भारत में कामकाजी माँ के अधिकार: एक मार्गदर्शिका

By PurpleGirl EditorsUpdated June 20264 min read
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Reviewed by

Adv. Meera Krishnaswamy · LLB, Practising Advocate

रिया ने अभी हाल ही में मातृत्व अवकाश के बाद काम पर लौटने का फैसला किया। लेकिन जैसे ही वह ऑफिस पहुँची, उसे फिर से भावनाओं का सैलाब महसूस हुआ। नौकरी और माँ के नए रोल को बैलेंस करना उसके लिए काफी चुनौतीपूर्ण था। उसे अक्सर अपने अधिकारों के बारे में सोचते हुए पाया जाता था। क्या वो एक कामकाजी माँ के रूप में अपने अधिकारों के प्रति सजग है? जैसे रिया, कई महिलाएं चाहती हैं कि उन्हें अपने अधिकारों की पूरी जानकारी हो ताकि वो अपने परिवार और करियर दोनों को सही से संभाल सकें।

Community Advice Disclaimer: This guide is based on community experiences and lifestyle advice. It is not a substitute for professional medical, psychological, or legal advice. Always consult a qualified healthcare provider for personal diagnoses or treatments.

What You'll Need

  • समझदारी
  • सहयोगी साथी
  • कानूनी जानकारी
1

अपने मातृत्व अवकाश के अधिकारों को समझें

भारत में मातृत्व बेनिफिट एक्ट, 1961 के तहत, कामकाजी माताओं को 26 हफ्तों का भुगतान किया जाने वाला मातृत्व अवकाश मिलता है। अगर आपके पास दो या उससे अधिक बच्चे हैं, तो आपको 12 हफ्तों का अवकाश मिलता है। यह अवकाश न केवल आपके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि नवजात के साथ बंधन बनाने के लिए भी आवश्यक है। उदाहरण के लिए, अगर आप लुधियाना में रहती हैं और एक सरकारी या प्राइवेट कंपनी में काम करती हैं, तो आपको इस कानून के तहत अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए ताकि आप अपनी नौकरी से जुड़े अधिकारों का सही तरीके से उपयोग कर सकें।

2

घर से काम करने का अधिकार जानें

आजकल के डिजिटल युग में, कई कंपनियाँ घर से काम करने के विचार के लिए खुली हैं। मातृत्व अवकाश के बाद, आप अपने बॉस से घर से काम करने की अनुमति मांग सकती हैं। यह खासकर तब मददगार होता है जब आपके बच्चे छोटे होते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप दिल्ली में किसी IT कंपनी में काम कर रही हैं, तो आप अपने काम को घर से करने के लिए अपनी टीम के साथ चर्चा कर सकती हैं। इस तरह, आप अपने बच्चे की देखभाल करते हुए भी अपने काम को पूरा कर सकती हैं।

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3

बाल देखभाल सुविधाओं का अधिकार जानें

मातृत्व बेनिफिट (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत, 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को बाल देखभाल सुविधाएं प्रदान करनी होती हैं। इसका मतलब है कि यदि आप किसी बड़ी कंपनी में काम करती हैं, तो आपको अपने बच्चे की देखभाल के लिए एक सुरक्षित स्थान मिल सकता है। मान लीजिए कि आप आगरा में किसी बड़ी फैक्ट्री में काम कर रही हैं, तो आपको इस सुविधा का लाभ उठाने का पूरा अधिकार है। यह आपको काम पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा, जबकि आपके बच्चे की देखभाल हो रही हो।

Step 4

भेदभाव के खिलाफ अपने अधिकारों को समझें

कामकाजी माताओं के रूप में, आपको भेदभाव के खिलाफ सुरक्षा प्राप्त है। यह सुरक्षा समान वेतन अधिनियम और अन्य कानूनों के तहत आती है। यदि आप महसूस करती हैं कि आपके साथ भेदभाव हो रहा है, तो आपको इसे अपने HR विभाग या कानूनी प्राधिकरण को रिपोर्ट करना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर किसी सहकर्मी ने आपके मातृत्व अवकाश के कारण आपको काम में कमतर समझा है, तो यह भेदभाव है। इस स्थिति में, आपको अपने अधिकारों को जानकर मजबूती से खड़ा होना चाहिए।

5

लचीले घंटों के बारे में अपने अधिकार जानें

हालांकि कानून स्पष्ट रूप से लचीले कार्य घंटों की गारंटी नहीं देता है, लेकिन कई संगठन अब इस दिशा में बढ़ रहे हैं। आप अपने नियोक्ता से लचीले कार्य घंटे की मांग कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप वाराणसी में किसी कॉलेज में पढ़ा रही हैं, तो आप अपने समय को इस तरह से सेट कर सकती हैं कि आप बच्चे की देखभाल भी कर सकें और अपने छात्रों को भी समय दे सकें। यह आपकी कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा।

6

भुगतान किए गए अवकाश के अधिकार को समझें

मातृत्व अवकाश के अलावा, कामकाजी माताएं विभिन्न परिस्थितियों में भुगतान किए गए अवकाश के लिए भी पात्र होती हैं। जैसे कि बीमारी के कारण, या यदि आपके बच्चे को विशेष देखभाल की आवश्यकता है। उदाहरण के लिए, यदि आप चंडीगढ़ में काम कर रही हैं और आपको अपने बच्चे की बीमारी के कारण अवकाश की जरूरत है, तो आप इस अवकाश का लाभ ले सकती हैं। यह आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

PurpleGirl Insight

"अपने अधिकारों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। इससे आपको काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।"

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Frequently Asked Questions

भारत में मातृत्व अवकाश क्या है?
भारत में मातृत्व अवकाश के अंतर्गत, कामकाजी माताओं को 26 हफ्तों का भुगतान किया जाने वाला अवकाश मिलता है अगर उनके दो या अधिक बच्चे हैं, और 12 हफ्ते यदि बच्चे कम हैं। यह नवजात के साथ बंधन बनाने और मात्री स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
क्या मुझे माँ के रूप में लचीले कार्य घंटों की मांग करने का अधिकार है?
हालांकि कानून में लचीले कार्य घंटों की स्पष्ट गारंटी नहीं है, लेकिन कई नियोक्ता लचीले घंटे की मांगों के प्रति खुले हैं। अपने जरूरतों के बारे में चर्चा करें और एक ऐसा शेड्यूल प्रस्तावित करें जो आपके और आपके संगठन के लिए फायदेमंद हो।
यदि मैं काम पर भेदभाव का सामना कर रही हूँ तो मुझे क्या करना चाहिए?
अगर आपको भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है, तो अपने अनुभवों को दस्तावेजित करें और इसे अपने HR विभाग या कानूनी प्राधिकरण को रिपोर्ट करें। आप विभिन्न कानूनों के तहत कार्यस्थल भेदभाव के खिलाफ सुरक्षित हैं।
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