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घरेलू हिंसा के कारण भरण-पोषण का दावा कैसे करें

By PurpleGirl EditorsUpdated May 20262 min read
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Reviewed by

Adv. Meera Krishnaswamy · LLB, Practising Advocate

अगर आप घरेलू हिंसा का सामना कर रही हैं, तो आप अकेली नहीं हैं। घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 एक शक्तिशाली कानून है जो आपके अधिकारों की रक्षा करता है, जिसमें भरण-पोषण का दावा करने का अधिकार भी शामिल है। चाहे आप दिल्ली जैसे बड़े शहर से हों या उत्तर प्रदेश के एक छोटे से शहर से, यह कानून आपके लिए लागू होता है।

What You'll Need

  • वकील की सलाह
  • सबूत इकट्ठा करना
  • न्यायालय में मामला दर्ज करना
1

घरेलू हिंसा अधिनियम और भरण-पोषण के अधिकार को समझना

घरेलू हिंसा अधिनियम एक व्यापक कानून है जो महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए बनाया गया है। यह कानून भरण-पोषण का दावा करने के अधिकार को भी शामिल करता है। उत्तर प्रदेश की एक महिला के रूप में, आप इस कानून के तहत भरण-पोषण का दावा कर सकती हैं।

2

सबूत इकट्ठा करना

भरण-पोषण का दावा करने के लिए, आपको सबूत इकट्ठा करने होंगे जो आपके दावे को समर्थन दें। इसमें आपके पति की आय, आपके बच्चों की जरूरतें, और आपके घरेलू खर्च शामिल हो सकते हैं। दिल्ली की एक महिला के रूप में, आप दिल्ली महिला आयोग से संपर्क कर सकती हैं और उनसे सलाह ले सकती हैं।

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3

न्यायालय में मामला दर्ज करना

एक बार जब आप सभी आवश्यक सबूत इकट्ठा कर लें, तो आप न्यायालय में मामला दर्ज कर सकती हैं। आपको अपने पति के खिलाफ एक मामला दर्ज करना होगा और भरण-पोषण का दावा करना होगा। उत्तर प्रदेश की एक महिला के रूप में, आप उत्तर प्रदेश के न्यायालय में मामला दर्ज कर सकती हैं।

Step 4

भरण-पोषण की राशि का निर्धारण करना

भरण-पोषण की राशि का निर्धारण करने के लिए, न्यायालय आपके पति की आय, आपके बच्चों की जरूरतें, और आपके घरेलू खर्च को ध्यान में रखेगा। दिल्ली की एक महिला के रूप में, आप दिल्ली महिला आयोग से संपर्क कर सकती हैं और उनसे सलाह ले सकती हैं।

5

भरण-पोषण के आदेश को लागू करना

एक बार जब न्यायालय भरण-पोषण का आदेश दे दे, तो यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आपके पति इस आदेश का पालन करें। अगर आपके पति आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो आप न्यायालय में एक मामला दर्ज कर सकती हैं और आदेश को लागू करने के लिए कह सकती हैं। उत्तर प्रदेश की एक महिला के रूप में, आप उत्तर प्रदेश के न्यायालय में मामला दर्ज कर सकती हैं।

PurpleGirl Insight

"घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत भरण-पोषण का दावा करने से पहले एक वकील से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।"

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Frequently Asked Questions

घरेलू हिंसा अधिनियम क्या है और यह मुझे कैसे लागू होता है?
घरेलू हिंसा अधिनियम एक कानून है जो महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए बनाया गया है। यह कानून भरण-पोषण का दावा करने के अधिकार को भी शामिल करता है। उत्तर प्रदेश की एक महिला के रूप में, आप इस कानून के तहत भरण-पोषण का दावा कर सकती हैं।
मैं घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत भरण-पोषण का दावा कैसे करूं?
भरण-पोषण का दावा करने के लिए, आपको न्यायालय में मामला दर्ज करना होगा और भरण-पोषण का दावा करना होगा। आपको अपने पति के खिलाफ एक मामला दर्ज करना होगा और भरण-पोषण का दावा करना होगा। उत्तर प्रदेश की एक महिला के रूप में, आप उत्तर प्रदेश के न्यायालय में मामला दर्ज कर सकती हैं।
भरण-पोषण के आदेश को लागू करने की प्रक्रिया क्या है?
भरण-पोषण के आदेश को लागू करने के लिए, आपको न्यायालय में एक मामला दर्ज करना होगा और आदेश को लागू करने के लिए कह सकती हैं। अगर आपके पति आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो आप न्यायालय में एक मामला दर्ज कर सकती हैं और आदेश को लागू करने के लिए कह सकती हैं। उत्तर प्रदेश की एक महिला के रूप में, आप उत्तर प्रदेश के न्यायालय में मामला दर्ज कर सकती हैं।
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