बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करते हुए खुद की देखभाल को कैसे प्राथमिकता दें
Reviewed by
Dr. Ritu Bansal · MA (Psychology), M.Phil (Clinical Psychology)
बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करना एक पवित्र यात्रा है, लेकिन अक्सर यह हमें थका देता है और खुद के लिए समय निकालने पर guilt महसूस कराता है। कई उत्तर भारतीय महिलाएं इस भूमिका में होती हैं, परिवार की जिम्मेदारियों, काम और अपनी भलाई को संतुलित करते हुए। सच यह है कि खुद की देखभाल को प्राथमिकता देना selfish नहीं है; यह जरूरी है। खुद का ध्यान रखना आपको बेहतर caregiver बनाता है और इससे आपके माता-पिता को भी खुशी मिलती है।
What You'll Need
- चाय
- एक अच्छी किताब
- योगा मैट
- आरामदायक कपड़े
- ध्यान करने के लिए जगह
समझें कि खुद की देखभाल selfish नहीं है
देखभाल करने वालों के लिए सबसे बड़ी बाधाओं में से एक guilt है जब वे खुद के लिए समय निकालने के बारे में सोचते हैं। यह महसूस करना कि आप अपनी देखभाल नहीं कर रहे हैं, आपको और भी थका देती है। याद रखें, जब आप खुद को खुश और स्वस्थ रखेंगे, तभी आप अपने माता-पिता की अच्छे से देखभाल कर सकेंगे। जैसे कि अगर आप कुछ समय अपने शौक के लिए निकालें, जैसे कि बागवानी या पेंटिंग, तो आपको मानसिक शांति मिलेगी। यह guilt को दूर करता है और आपको अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने में मदद करता है।
एक खुद की देखभाल की दिनचर्या बनाएं जो आपके लिए काम करे
खुद की देखभाल की दिनचर्या बनाना बहुत फायदेमंद हो सकता है। यह जरूरी नहीं है कि यह बहुत जटिल हो; छोटे-छोटे कदम भी काफी हैं। जैसे, आप हर सुबह 10 मिनट के लिए योग कर सकती हैं या शाम को एक अच्छी किताब पढ़ सकती हैं। इस दिनचर्या को अपने दिन में शामिल करें ताकि यह आपके लिए एक आदत बन जाए। आप अपने प्रियजनों के साथ समय बिताने के लिए भी कुछ समय निकाल सकती हैं, जैसे कि परिवार के साथ डिनर करना या एक साथ फिल्म देखना। याद रखें, यह आपकी खुशियों का एक हिस्सा है।
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सीमाएं निर्धारित करें और उन पर टिके रहें
एक देखभाल करने वाले के रूप में, यह आसान है महसूस करना कि आपको हर समय उपलब्ध रहना चाहिए, लेकिन यह आपको burnout की ओर ले जा सकता है। अपनी सीमाओं को निर्धारित करें और सुनिश्चित करें कि आप उन्हें बनाए रखें। जैसे कि, अगर आप सुबह 7 बजे से 8 बजे तक खुद के लिए समय निकालती हैं, तो उस समय में किसी को भी परेशान न होने दें। यह समय आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इससे आपकी मानसिक स्थिति बेहतर होगी। जब आप खुश रहेंगी, तो आपके माता-पिता भी खुश रहेंगे।
अन्य देखभाल करने वालों से जुड़ें
आप इस यात्रा में अकेली नहीं हैं। अन्य देखभाल करने वालों से जुड़ना आपको भावनात्मक समर्थन प्रदान कर सकता है। आप अपने मोहल्ले में या सोशल मीडिया पर ग्रुप्स जॉइन कर सकती हैं। यहां आप अपनी भावनाएं साझा कर सकती हैं और दूसरों से सलाह ले सकती हैं। इससे आपको यह महसूस होगा कि आप अकेली नहीं हैं और कई लोग आपकी तरह हैं। उदाहरण के लिए, आप अपनी सहेलियों के साथ मिलकर कभी-कभी चाय पर बातचीत कर सकती हैं। इससे आपको आराम मिलेगा और आप अपनी भावनाओं को साझा कर पाएंगी।
Mindfulness और Gratitude का अभ्यास करें
देखभाल करने के दौरान, अपने जीवन के सकारात्मक पहलुओं को नजरअंदाज करना आसान है। Mindfulness का अभ्यास करें, जैसे कि ध्यान करना या बस अपनी सांसों पर ध्यान देना। यह आपको शांत रखेगा और आपको अपने विचारों को केंद्रित करने में मदद करेगा। Gratitude का अभ्यास करना भी महत्वपूर्ण है। हर दिन कुछ मिनट निकालकर उन चीजों के बारे में सोचें जिनके लिए आप आभारी हैं, जैसे कि आपके माता-पिता का स्वास्थ्य या आपके बच्चों की मुस्कान। यह आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगा और आपको सकारात्मक बनाए रखेगा।
सरकारी संसाधनों और योजनाओं का उपयोग करें
यह न भूलें कि आपके लिए देखभाल करने वालों के रूप में समर्थन देने के लिए कई सरकारी संसाधन उपलब्ध हैं। जैसे कि, बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य योजनाएं या वित्तीय सहायता। इन योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करें और उनका उपयोग करें। इससे आपकी जिम्मेदारियों का बोझ हल्का होगा। आप अपने इलाके के सरकारी कार्यालय में जाकर या ऑनलाइन सर्च करके इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। यह आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है और आपको और भी बेहतर तरीके से देखभाल करने में मदद करेगा।
"खुद की देखभाल में एक छोटा सा समय निकालना भी महत्वपूर्ण है, जैसे सुबह की चाय के साथ कुछ पल खुद के लिए बिताना।"
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