जब आपका पार्टनर आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करे तो क्या करें
Reviewed by
Dr. Ritu Bansal · MA (Psychology), M.Phil (Clinical Psychology)
क्या आपने कभी महसूस किया है कि आपका पार्टनर आपकी भावनाओं को हल्के में लेता है? अगर हाँ, तो आप अकेली नहीं हैं। यह बहुत निराशाजनक होता है जब आप कुछ ऐसा साझा करने की कोशिश कर रही होती हैं जो आपके लिए महत्वपूर्ण है, और आपका पार्टनर दूर या उदासीन लगता है। चाहे आप एक लंबे रिश्ते में हों या अभी शुरुआत कर रही हों, यह समझना जरूरी है कि इस स्थिति में कैसे निपटना है। यहां कुछ कदम दिए गए हैं जो आपको अपने पार्टनर के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने में मदद करेंगे।
What You'll Need
- खुले मन से बातचीत करने की इच्छा
- सकारात्मक सोच
- समझदारी
- धैर्य
अपनी भावनाओं को पहचानें और मान्यता दें
जब आपका पार्टनर आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करता है, तो सबसे पहले आपको अपनी भावनाओं को पहचानना और उन्हें मान्यता देना जरूरी है। यह जरूरी नहीं है कि आपकी भावनाएं हमेशा सही हों, लेकिन वे आपके लिए महत्वपूर्ण हैं। जैसे, अगर आप किसी बात पर दुखी हैं या चिंतित हैं, तो यह जरूरी है कि आप उसे समझें। उदाहरण के लिए, अगर आप अपने साथी से कहती हैं कि आपको उनकी बातों से दुख होता है, तो यह आपकी भावना है, और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जब आप अपनी भावनाओं को पहचानेंगी, तो आप अपने साथी के साथ बेहतर संवाद कर सकेंगी।
बात करने का सही समय चुनें
जब आप अपने पार्टनर से अपनी भावनाओं के बारे में बात करना चाहती हैं, तो सही समय चुनना बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे समय पर बात करें जब आपका पार्टनर तनाव में न हो या किसी अन्य समस्या का सामना कर रहा हो। उदाहरण के लिए, अगर आपका पार्टनर काम से थका हुआ है या घर में कोई समस्या है, तो उस समय बात करना सही नहीं होगा। सही समय पर की गई बातचीत आपके रिश्ते में सुधार ला सकती है और आपके पार्टनर को आपकी भावनाओं को समझने में मदद कर सकती है। एक अच्छा समय चुनकर आप अपने साथी को भी सुनने का मौका देंगी।
Have a specific question you can't ask anyone? Ask it anonymously — no name needed.
संवाद के लिए 'मैं' वाक्य का उपयोग करें
जब आप अपनी भावनाओं को साझा करने के लिए बैठें, तो यह जरूरी है कि आप प्रभावी ढंग से संवाद करें। 'मैं' वाक्य का उपयोग करना एक अच्छा तरीका है। जैसे, आप कह सकती हैं, 'मैं महसूस करती हूं कि जब तुम मेरी भावनाओं को नजरअंदाज करते हो, तो मुझे दुख होता है।' इस तरह से आप अपने साथी को बिना आरोप लगाए अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकती हैं। इससे आपके पार्टनर को समझने में मदद मिलेगी कि आप क्या महसूस कर रही हैं। यह तरीका रिश्ते में संवाद को और बेहतर बनाता है।
उनके दृष्टिकोण को ध्यान से सुनें
जब आपने अपनी भावनाओं को साझा कर लिया है, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने पार्टनर को भी जवाब देने का मौका दें। इस चरण में, सक्रिय रूप से सुनना बहुत जरूरी है। जब आपका साथी अपनी बात कहता है, तो उसे ध्यान से सुनें और उनके दृष्टिकोण को समझने की कोशिश करें। इससे आपको यह जानने का मौका मिलेगा कि वे क्यों ऐसा महसूस करते हैं या क्यों आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करते हैं। उदाहरण के लिए, हो सकता है कि आपके साथी का दिन खराब रहा हो या वे किसी और चीज़ के बारे में सोच रहे हों। इसलिए, उनके दृष्टिकोण को समझना आपके रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।
सीमाएं और अपेक्षाएं तय करें
अगर आपके साथी ने आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करना जारी रखा है, तो अब सीमाएं और अपेक्षाएं तय करने का समय है। आपको यह स्पष्ट करना होगा कि आप क्या चाहती हैं और आपके लिए क्या स्वीकार्य नहीं है। उदाहरण के लिए, आप कह सकती हैं, 'मैं चाहती हूं कि जब मैं अपनी भावनाओं को साझा करूं, तो तुम उन्हें ध्यान से सुनो।' इस तरह से आप अपने रिश्ते में स्पष्टता लाएंगी और अपने साथी को यह समझाने में मदद करेंगी कि आपकी भावनाएं कितनी महत्वपूर्ण हैं। सीमाएं तय करने से आप दोनों के बीच बेहतर समझ बनेगी।
स्व-देखभाल प्रथाओं का अन्वेषण करें
जब आप रिश्ते में भावनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही हों, तो खुद का ख्याल रखना न भूलें। अपने मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक भलाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आप ध्यान कर सकती हैं, योग कर सकती हैं, या अपने दोस्तों के साथ समय बिता सकती हैं। जैसे, अगर आप अपने परिवार के साथ घूमने जाती हैं या अपनी पसंदीदा किताब पढ़ती हैं, तो यह आपको मानसिक शांति दे सकता है। अपनी भावनाओं पर ध्यान देने से आप रिश्ते में और भी मजबूत बनेंगी।
जानें कब मदद लेने का समय है
अगर इन सभी कदमों के बाद भी आपका पार्टनर आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करता है, तो यह समझना जरूरी है कि कब मदद लेनी है। कभी-कभी, एक तटस्थ तीसरे पक्ष की मदद लेना आपके रिश्ते के लिए फायदेमंद हो सकता है। जैसे, आप किसी काउंसलर या मनोवैज्ञानिक से मिल सकती हैं। यह आपकी स्थिति को समझने और समाधान खोजने में मदद कर सकता है। याद रखें, रिश्ते में दोनों पार्टनर्स की भावनाएं महत्वपूर्ण होती हैं और उन्हें समझना जरूरी है।
"समय का सही चुनाव करें, क्योंकि कभी-कभी एक सही समय पर की गई बातचीत बहुत फर्क डाल सकती है।"
Was this guide helpful?
Related Guides
இந்திய பெண்களுக்கான 10 வழிகள்: நம்பிக்கையை உருவாக்கவும், உடல் படம் பிரச்சினைகளை மீறவும்
Read Guideபட்ஜெட்டில் சுய பராமரிப்பு: தமிழ்நாட்டில் உள்ள பெண்களுக்கு மனநலத்திற்கான மலிவான குறிப்புகள்
Read Guideஉயர்ந்த அழுத்தத்தில் வேலை செய்யும் இந்திய பெண்கள்: அழுத்தத்தை சமாளிக்க 5 வழிகள்
Read Guideஉங்கள் உணர்ச்சி தேவைகளை உங்கள் கணவரிடம் எப்படி பேசுவது?
Read GuideFrequently Asked Questions
अगर मेरा पार्टनर मेरी भावनाओं को नजरअंदाज करता है, तो मुझे क्या करना चाहिए?
मैं अपनी भावनाओं को अपने पार्टनर से प्रभावी ढंग से कैसे साझा कर सकती हूं?
मेरे पार्टनर मेरी भावनाओं को क्यों नजरअंदाज करते हैं?
Online Therapy with Indian Psychologists
Licensed Indian psychologists — available in Hindi, Telugu, and English. First session at ₹499.
Book a SessionOther women also asked about this topic
Real anonymous questions from Indian women
"I cry every day but I don't know why. Is that depression?"
→"My family says therapy is for crazy people. How do I convince them?"
→"I feel nothing after my divorce. Is that normal?"
→"How do I stop thinking about someone who hurt me?"
Free Weekly Updates
Get anonymous mental health support resources weekly
No spam. Unsubscribe anytime. 100% anonymous.