अपने आत्म-सम्मान को बढ़ाने के 5 तरीके जब आप शरीर की छवि से जूझ रही हों
Reviewed by
Dr. Ritu Bansal · MA (Psychology), M.Phil (Clinical Psychology)
हम सभी को यह मानना होगा कि शरीर की छवि के मुद्दे से जूझना एक सामान्य बात है, लेकिन यह हमें परिभाषित नहीं करता। जब हम अपने शरीर के बारे में सोचते हैं, तो कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे हम हमेशा एक लेंस के नीचे हैं, हर छोटी-छोटी बात की आलोचना करते हैं। लेकिन अपने आत्म-सम्मान को बढ़ाना सिर्फ यह नहीं है कि हम अपने शरीर को कैसे देखते हैं, बल्कि यह भी है कि हम खुद को कैसे स्वीकार करते हैं। खासकर उत्तर भारत में, जहां पारिवारिक दबाव और समाजिक मानक हमारे आत्म-सम्मान को प्रभावित कर सकते हैं, यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम अपने भीतर की आवाज़ को पहचानें और उसे सकारात्मक दिशा में मोड़ें।
What You'll Need
- एक डायरी
- पेन
- समर्थक दोस्त
- योगा मैट
- पसंदीदा म्यूजिक
स्वयं पर दया और क्षमा का अभ्यास करें
कभी-कभी हम अपने सबसे बड़े आलोचक बन जाते हैं, खासकर जब बात हमारे शरीर की होती है। जब आप अपने शरीर के बारे में सोचते हैं, तो क्या आप खुद को कठोर शब्दों से बुलाते हैं? यह ठीक नहीं है। खुद को माफ करना और अपने प्रति दयालु होना बहुत जरूरी है। उदाहरण के लिए, जब आप दही-चावल खा रही हों और खुद को यह सोचकर टोकें कि 'मैंने ये क्यों खाया?', तो खुद से कहें कि 'ये मेरे लिए अच्छा है'। इससे आपका आत्म-सम्मान बढ़ेगा। हर दिन खुद को एक नया मौका दें और अपनी गलतियों को स्वीकार करें।
सकारात्मक प्रभावों से घेरें
आपका वातावरण आपके आत्म-सम्मान को बहुत प्रभावित करता है। अगर आप हमेशा नकारात्मक लोगों के बीच हैं, तो यह आपके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। अपने दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं जो आपको प्रोत्साहित करते हैं। जैसे, अगर आपकी सहेली हमेशा आपको मोटा कहती है, तो उससे दूरी बनाना बेहतर है। इसके बजाय, उन दोस्तों के साथ समय बिताएं जो आपकी तारीफ करते हैं और आपके साथ अच्छे समय बिताते हैं। आप अपनी मम्मी या दादी से भी बातें कर सकती हैं, जो आपकी खूबसूरती और गुणों को हमेशा सराहती हैं।
Have a specific question you can't ask anyone? Ask it anonymously — no name needed.
ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जो आपको अच्छा महसूस कराएं
खुश रहने के लिए जो चीजें आपको पसंद हैं, उन पर ध्यान दें। चाहे वह नृत्य हो, योगा, या आपकी पसंदीदा किताबें पढ़ना हो, ये सब आपके आत्म-सम्मान को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। जैसे, अगर आपको गाना पसंद है, तो अपने दोस्तों के साथ गाना गाएं या सिंगिंग क्लासेज जॉइन करें। इससे न सिर्फ आपका मन खुश रहेगा, बल्कि आप अपनी प्रतिभा को भी पहचानेंगी। जब आप ऐसा कुछ कर रही हों, जो आपको खुशी देता है, तो आप खुद को और बेहतर महसूस करेंगी।
नकारात्मक आत्म-वार्ता को चुनौती दें
हम सभी के अंदर एक आवाज होती है जो हमें आलोचना करती है, खासकर जब हम अपने शरीर के बारे में सोचते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि हम इस आवाज को पहचानें और इसे चुनौती दें। जब भी आपको ऐसा लगे कि आप खुद को बुरा महसूस करा रही हैं, तो तुरंत उस विचार को बदलें। जैसे, अगर आप सोच रही हैं कि 'मैं बहुत मोटी हूं', तो खुद से कहें, 'मैं स्वस्थ हूं और मेरी अपनी खूबसूरती है'। यह अभ्यास आपकी सोच को सकारात्मक दिशा में मोड़ने में मदद करेगा।
अपनी विरासत को अपनाएं और विविधता का जश्न मनाएं
एक भारतीय महिला के रूप में, अपनी सांस्कृतिक विरासत को अपनाना आपकी पहचान को मजबूत कर सकता है। अपने परंपरागत कपड़ों को पहनें, जैसे कि साड़ी या सलवार-कुर्ता, और अपने रीति-रिवाजों का जश्न मनाएं। यह न सिर्फ आपको अपनी पहचान से जोड़ेगा, बल्कि आपको अपने आप पर गर्व महसूस कराएगा। खासकर उत्तर भारत में, जहां विविधता का जश्न मनाया जाता है, अपने समुदाय के त्योहारों और परंपराओं में भाग लेना आपको और मजबूत बनाएगा। जब आप अपने संस्कृति को अपनाती हैं, तो आप अपने आत्म-सम्मान को भी बढ़ाती हैं।
"खुद को स्वीकार करने के लिए हर दिन खुद को सकारात्मक वाक्य बोलें। जैसे, 'मैं सुंदर हूं', 'मैं सक्षम हूं'।"
Was this guide helpful?
Related Guides
இந்திய பெண்களுக்கான 10 வழிகள்: நம்பிக்கையை உருவாக்கவும், உடல் படம் பிரச்சினைகளை மீறவும்
Read Guideபட்ஜெட்டில் சுய பராமரிப்பு: தமிழ்நாட்டில் உள்ள பெண்களுக்கு மனநலத்திற்கான மலிவான குறிப்புகள்
Read Guideஉயர்ந்த அழுத்தத்தில் வேலை செய்யும் இந்திய பெண்கள்: அழுத்தத்தை சமாளிக்க 5 வழிகள்
Read Guideஉங்கள் உணர்ச்சி தேவைகளை உங்கள் கணவரிடம் எப்படி பேசுவது?
Read GuideFrequently Asked Questions
एक भारतीय महिला के रूप में मैं अपनी शरीर की छवि को कैसे सुधार सकती हूं?
अपने आत्म-सम्मान को बढ़ाने के लिए कुछ दैनिक प्रथाएं क्या हो सकती हैं?
मैं दूसरों की तुलना से कैसे बच सकती हूं?
Online Therapy with Indian Psychologists
Licensed Indian psychologists — available in Hindi, Telugu, and English. First session at ₹499.
Book a SessionOther women also asked about this topic
Real anonymous questions from Indian women
"I cry every day but I don't know why. Is that depression?"
→"My family says therapy is for crazy people. How do I convince them?"
→"I feel nothing after my divorce. Is that normal?"
→"How do I stop thinking about someone who hurt me?"
Free Weekly Updates
Get anonymous mental health support resources weekly
No spam. Unsubscribe anytime. 100% anonymous.