P
PurpleGirl

जब आपका नियोक्ता आपको महिला होने के कारण भेदभाव करता है, तो क्या करें?

By PurpleGirl EditorsUpdated May 20264 min read
🌐Read this guide in your language:

Reviewed by

Adv. Meera Krishnaswamy · LLB, Practising Advocate

काम पर महिला होने के कारण भेदभाव का सामना करना बहुत ही भारी और अकेला महसूस करवा सकता है। चाहे वो सूक्ष्म टिप्पणियाँ हों, समान वेतन न मिलना, या पदोन्नति के लिए नजरअंदाज किया जाना हो, यह जानना बेहद जरूरी है कि आपके अधिकार क्या हैं और आपको कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए। आप इस समस्या में अकेली नहीं हैं; उत्तर भारत की कई महिलाएँ, चाहे वो शिक्षिका हों या ऑफिस में काम करने वाली पेशेवर, इस अनुभव से गुजरती हैं। इस लेख में, हम आपको इस कठिन समय में सही कदम उठाने में मदद करेंगे।

What You'll Need

  • कागज और पेन
  • विश्वासपात्र सहकर्मी
  • कानूनी सहायता की जानकारी
  • HR का नंबर
  • महिला अधिकार संगठनों की संपर्क जानकारी
1

भेदभाव को पहचानें और दस्तावेज़ बनाएं

भेदभाव का सामना करने का पहला कदम यह पहचानना है कि यह हो रहा है। अगर आपको लगता है कि आपके साथ भेदभाव हो रहा है, तो इसे नज़रअंदाज न करें। उदाहरण के लिए, अगर आपके पुरुष सहकर्मी को प्रमोशन मिल रहा है जबकि आप उससे ज्यादा काम कर रही हैं, तो यह एक संकेत हो सकता है। आपको अपने अनुभवों को लिखना चाहिए, जैसे कि कौन-कौन सी घटनाएँ हुईं और कब हुईं। इससे आपको अपने मामले को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

2

भारतीय कानून के तहत अपने अधिकारों को समझें

यह जानना बेहद जरूरी है कि जब आप भेदभाव का सामना कर रही हैं, तो आपके पास क्या अधिकार हैं। भारतीय कानून, जैसे कि Sexual Harassment of Women at Workplace Act, 2013, आपको सुरक्षा प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। अगर आपको लगता है कि आपके साथ कुछ गलत हो रहा है, तो आपको अपने अधिकारों के बारे में जानने की जरूरत है। इससे आपको अपने खिलाफ हो रहे भेदभाव के खिलाफ खड़े होने का साहस मिलेगा।

Have a specific question you can't ask anyone? Ask it anonymously — no name needed.

Ask Here →
3

सहकर्मियों और दोस्तों से समर्थन प्राप्त करें

इस कठिन समय में आपको अकेले नहीं रहना चाहिए। अपने विश्वासपात्र सहकर्मियों से बात करें। जब आप अपने अनुभव साझा करती हैं, तो इससे आपको मानसिक और भावनात्मक समर्थन मिलता है। मान लीजिए कि आपके ऑफिस में एक सहकर्मी है जो आपके साथ इस मुद्दे पर सहानुभूति रखता है। उनसे बात करके आपको स्थिति को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, अगर आप अकेली महसूस कर रही हैं, तो दोस्तों या परिवार से भी मदद मांगें।

Step 4

अपने HR विभाग या प्रबंधन से संपर्क करें

जब आप अपने दस्तावेज तैयार कर लें और अपने अधिकारों को समझ लें, तो यह समय है कि आप अपने HR विभाग से संपर्क करें। HR आपकी कंपनी में कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए होते हैं। उन्हें आपकी समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए। अगर आप सीधे HR से बात करने में संकोच कर रही हैं, तो आप ईमेल लिख सकती हैं जिसमें आप अपनी स्थिति स्पष्ट करें। याद रखें, आपके पास अपनी आवाज उठाने का अधिकार है।

5

जरूरत पड़ने पर औपचारिक शिकायत प्रक्रिया पर विचार करें

अगर आपके HR विभाग ने उचित कार्रवाई नहीं की, या अगर भेदभाव जारी रहता है, तो आपको औपचारिक शिकायत प्रक्रिया पर विचार करना चाहिए। यह प्रक्रिया आपके कंपनी के आंतरिक शिकायत समिति के माध्यम से हो सकती है। सुनिश्चित करें कि आप अपनी सभी दस्तावेज़ीकरण को सही तरीके से पेश करें, ताकि आपकी बात सुनी जाए। अगर आपकी कंपनी स्थानीय महिला अधिकार संगठनों से जुड़ी है, तो उनसे भी मदद लेना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

6

अगर जरूरत हो तो कानूनी विकल्पों का अन्वेषण करें

अगर सब कुछ विफल हो जाता है और आपका कार्यस्थल सही तरीके से प्रतिक्रिया नहीं देता है, तो आपको कानूनी कार्रवाई पर विचार करना चाहिए। आप स्थानीय महिला अधिकार संगठनों से भी संपर्क कर सकती हैं, जो आपको सही कानूनी मार्गदर्शन दे सकते हैं। भारत में कई कानून हैं जो महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करते हैं, जैसे कि Equal Remuneration Act। इस दिशा में कदम उठाने से पहले सभी विकल्पों पर विचार करें।

7

स्व-देखभाल पर ध्यान दें और सशक्त रहें

कार्यस्थल पर भेदभाव का सामना करना मानसिक और भावनात्मक रूप से थकाने वाला हो सकता है। इसलिए, यह जरूरी है कि आप अपनी सेहत और मानसिक स्थिति का ध्यान रखें। अपने लिए समय निकालें, जैसे कि योग करें, ध्यान लगाएं या अपने पसंदीदा शौक में समय बिताएं। जब आप खुद को मजबूत रखेंगी, तो आप भेदभाव का सामना करने के लिए और भी ज्यादा सशक्त महसूस करेंगी। याद रखें, आप अकेली नहीं हैं और आपके साथ खड़े होने वाले लोग हैं।

PurpleGirl Insight

"अपने अनुभवों को लिखें, इससे आपको स्पष्टता मिलेगी कि आपको क्या कदम उठाने हैं।"

Was this guide helpful?

Frequently Asked Questions

कार्यस्थल पर भेदभाव के लक्षण क्या हैं?
कार्यस्थल पर भेदभाव के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं: समान काम के लिए पुरुष सहकर्मियों से कम वेतन मिलना, पदोन्नति के लिए नजरअंदाज किया जाना, आपके लिंग के बारे में नकारात्मक टिप्पणियाँ प्राप्त करना, या कम महत्वपूर्ण कार्य सौंपे जाना। इन घटनाओं का दस्तावेजीकरण करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये शिकायत दर्ज कराने के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
भारत में कार्यस्थल पर भेदभाव की शिकायत कैसे करें?
भेदभाव की शिकायत करने के लिए, पहले अपने HR विभाग से संपर्क करें और अपने दस्तावेजित सबूत प्रस्तुत करें। अगर यह काम नहीं करता, तो आप अपने कार्यस्थल पर आंतरिक शिकायत समिति के साथ औपचारिक शिकायत दर्ज कर सकती हैं, या स्थानीय महिला अधिकार संगठनों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकती हैं।
भारत में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कौन से कानूनी प्रावधान हैं?
भारत में महिलाओं को Sexual Harassment of Women at Workplace Act, 2013 के तहत सुरक्षा प्राप्त है, जो यह सुनिश्चित करता है कि कार्यस्थलों पर शिकायतों का समाधान किया जाए। अन्य कानून, जैसे कि Equal Remuneration Act, यह सुनिश्चित करते हैं कि महिलाओं को समान काम के लिए समान वेतन मिले।
Legal HelpVakil SearchFree First Call

Free Legal Consultation for Women

Get a free 15-minute consultation with a women's rights lawyer via Vakil Search. No registration needed.

Book Free Consultation

Free Weekly Updates

Get a free 15-minute legal consultation for women in India

No spam. Unsubscribe anytime. 100% anonymous.

💜
PurpleGirl
Real Advice · Always Online