Intimacy के दौरान दर्द को कैसे संभालें और डॉक्टर को कब दिखाएं
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आप आईने के सामने खड़ी हैं, दिल की धड़कनें तेज़ हैं और मन में एक अजीब सी घबराहट है क्योंकि आपको पता है कि आज रात फिर वही दर्द होगा। आपको गिल्ट महसूस होता है, चिड़चिड़ापन होता है, या कभी-कभी लगता है कि आपकी बॉडी आपका साथ नहीं दे रही। प्लीज, एक गहरी सांस लें। आप 'टूटी' हुई नहीं हैं, और आप बिल्कुल भी अकेली नहीं हैं। हम में से कई भारतीय महिलाएं ये सोचकर बड़ी होती हैं कि दर्द तो 'प्रोसेस का हिस्सा' है, लेकिन इसे अपना नॉर्मल मत बनाइए। चलिए, इस बारे में खुलकर, सुरक्षित तरीके से और उस प्यार के साथ बात करते हैं जिसकी आप हकदार हैं।
What You'll Need
- अपने पार्टनर के साथ खुलकर बात करना
- अच्छी क्वालिटी का वाटर-बेस्ड लुब्रिकेंट
- गहरी सांस लेने की तकनीक
- खुद के प्रति धैर्य रखना
- एक भरोसेमंद गायनेकोलॉजिस्ट का नंबर
रुकें और बात करें
अगर दर्द हो, तो तुरंत रुक जाएं। जबरदस्ती आगे न बढ़ें। आपके पार्टनर को यह समझना होगा कि यह उनके बारे में नहीं, बल्कि आपके फिजिकल कंफर्ट के बारे में है। 'I' स्टेटमेंट का इस्तेमाल करें, जैसे 'मुझे अभी थोड़ा असहज महसूस हो रहा है, क्या हम धीरे हो सकते हैं या रुक सकते हैं?' किसी भी पल 'ना' कहना आपका हक है।
एक्स्ट्रा लुब्रिकेशन का इस्तेमाल करें
भारत में हम अक्सर ड्राइनेस (dryness) के बारे में बात करने से कतराते हैं, लेकिन यह दर्द का सबसे आम कारण है। भले ही आप अराउज्ड (aroused) महसूस कर रही हों, आपकी बॉडी को एक्स्ट्रा मदद की जरूरत हो सकती है। अपने बेडसाइड टेबल पर एक वाटर-बेस्ड लुब्रिकेंट (water-based lubricant) रखें। यह फ्रिक्शन और इरिटेशन को कम करने में बहुत मदद करता है।
नारियल या सरसों के तेल का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इनसे इन्फेक्शन हो सकता है या कंडोम खराब हो सकते हैं।
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डॉक्टर को कब दिखाएं
अगर लुब्रिकेशन और बातचीत के बाद भी दर्द बना रहता है, तो डॉक्टर को दिखाने का समय आ गया है। खासकर तब अपॉइंटमेंट लें अगर आपको तेज दर्द हो, intimacy के बाद ब्लीडिंग हो, अजीब सा डिस्चार्ज हो, या पेल्विक एरिया में अंदर तक दर्द महसूस हो। ये UTI, यीस्ट इन्फेक्शन, या एंडोमेट्रियोसिस (endometriosis) या PCOD जैसी कंडीशंस के संकेत हो सकते हैं, जिनका इलाज बहुत आसानी से हो जाता है।
"आपकी बॉडी कोई मशीन नहीं है जिसे बस परफॉर्म करना है; यह आपका हिस्सा है जो सुरक्षा, आराम और खुशी की हकदार है, दर्द की नहीं।"
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